सोच लेना पहले....
हर फैसले के.....
मंजिल नहीं होती...
आखिर में हर रास्ते के..
मगर...कई बार ...
रास्ते ,मंजिलों के लिए नहीं
सिर्फ साथ के लिए चुने जाते हैं...!
मंजिल नहीं होती...
आखिर में हर रास्ते के..
मगर...कई बार ...
रास्ते ,मंजिलों के लिए नहीं
सिर्फ साथ के लिए चुने जाते हैं...!
सोच लेना पहले....
हर सपने के....
आसां नहीं होता.. सपनों को...
हर सपने के....
आसां नहीं होता.. सपनों को...
याद रख पाना ..नींद खुलने पर
मगर..कई बार..
सपने पूरे करने के लिए नहीं....
सिर्फ खुश रहने के लए देखे जाते हैं...!
सोच लेना पहले
घर बनाने के.....
बहोत मुश्किल होता है...
मकान को घर.....बनाये रखना...
और ...कई बार...
खुद 'टूट' के भी घर बचाना होता है...
नहीं तो....बच्चे 'भींग' जाते हैं......!

बहुत ख़ूबसूरत,अति मन मोहक, ममतामय,रचना और चित्र भी.बेहद प्रशंसा लायक. विशेषण नही मिल रहे हैं.
ReplyDeleteबहोत बहोत धन्यवाद आपका...श्रीमान! आभारी हूँ...
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