Total Pageviews

Monday, 19 September 2011

दिल से...

रास्ते ...ठिकाने...निगाहें...बदलने से नहीं...भूल पाओगे...
दिल वही है...निगाहों को... रास्ता बता ही देगा..ठिकाने का...
रहमदिली...कमदिली...बुजदिली...चूकता दिल ही है...
हर  खंज़र पे होता है ..खुदा निशां .. निशाने का...
मौका...माहौल...मुनासिब...उम्र...उम्मीद...उफ्फ़!
सब दिल देने से...रास्ता है...खुद को बचाने का...
नज़र-अंदाजी...तुर्श-जबानी...गर्म-मिजाजी...सब दिखावा है ...
मोहब्बत छिपाने का...माशूक को... अंदाज़  दिखाने का...
आंसू...आशाएं...अरमान...निकलने नहीं देता दिल से...
किसी से  किया है...वादा मैंने...खुद  से 'निभाने' का...

No comments:

Post a Comment